हाँ, बापू का भारत आज भी अल्पविकसित है

विश्व आकाशस्पर्शी व्यक्तित्व के धनी महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मना रहा है। गांधी जी ने आधुनिक भारत की नींव दशकों पहले ही रख दी थी। स्वतंत्रता के बाद से ही भारत का विकासात्मक दर्शन बहुत ही अनूठा, एकतरफा और सर्वसम्मत रहा है क्योंकि इसमें 130 करोड़ कुशल आबादी का खजाना है, जो राष्ट्र … Read more

Yes, Bapu’s India is still under developed

India’s developmental philosophy has been very unique, unilateral and unanimous because it has the treasury of 130 crore dynamic population who are continuously endeavouring their energetic efforts to maximise the nation’s wealth and prosperity. But even after 70 glorious years of independence, India has been put under the racks of underdeveloped nations by the premier … Read more

भारत की आर्थिक सुस्ती का हल इस बार कृषि क्षेत्र में ढूंढा जाना चाहिए।

भारतीय अर्थव्यवस्था की कहानी को वर्ष 2017-18 से चालू करते है जब पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 परसेंट पहुंच गई थी. यह तिमाही इसलिए विशेष थी क्योंकि 2016 की नोटबंदी जैसे बड़े आर्थिक कदम के बाद की तिमाही थी. वही आज वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी दर घटकर 5% हो गई … Read more

यह चुनाव एक नाकाम विपक्ष का चुनाव था !

लोकसभा चुनाव का परिणाम भारतीय जनता पार्टी के स्वर्णिम काल की गवाही दे रहा है. पार्टी 2 सीटों से निकलकर दोबारा पूर्ण बहुमत से केंद्र में सरकार बना रही है. जहां वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने अकेले 282 सीट और सहयोगियों के साथ मिलकर 336 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था वहीं … Read more

इस चुनाव में किसानों को ढूंढिए, आखिर वे हैं कहां?

अप्रैल का महीना है और मौसम गर्म होने लगा है. यह गर्मी चुनाव की वजह से ज्यादा दिखाई पड़ रही है. हर राजनैतिक दल चुनावी रैलियां कर रहे हैं और देश को उम्मीदों की एक नई रस्सी पकड़ा रहे हैं. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषणों को गौर से सुनिए तो वह चौकीदार, हिंदू, … Read more

रेपो रेट में हुई कटौती, बढ़ाएगी अर्थव्यवस्था में रफ्तार!

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली दूसरी मौद्रिक नीति की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) को 0.25 फीसद घटाकर 6 फीसद कर दिया है। इससे आने वाले समय में मकान, वाहन व अन्य निजी वस्तुओं की खरीद पर गहरा प्रभाव पड़ेगा और उद्योग-धंधों … Read more

बढ़ती आर्थिक असमानता के बीच ‘न्याय योजना’ की राजकोषीय चुनौती

अर्थशास्त्र का एक बुनियादी नियम होता है कि दुनिया की हर अर्थव्यवस्था ‘संसाधनों के अभाव’ को देखती है. अर्थशास्त्र कहता है कि आप उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ही खर्च के लिए आगे बढ़े. लेकिन हमारी भारतीय राजनीति में भी एक छोटा सा बुनियादी नियम चलता है. बिना किसी राजकोषीय चुनौती को ध्यान में लिए बगैर … Read more

प्रधानमंत्री के जरिए गोद लिए गांव जयापुर और नागेपुर का रिपोर्ट कार्ड!

काशी बदल रहा है. लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से लेकर वाराणसी शहर तक का रास्ता किसी विश्वस्तरीय सड़क मार्ग का उदाहरण बन चुका है. इस मंडुवाडीह स्टेशन आधुनिक रेलवे स्टेशन का एक नया मॉडल बनकर तैयार है, खंभों के सहारे इधर-उधर लटकते बिजली के तारों को अब भूमिगत किया जा चुका है. शहर में … Read more