डिग्री से नौकरी तक: कहां टूट रही है महिलाओं की रोजगार श्रृंखला

डिग्री से नौकरी तक: महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर लेख, लेखक विक्रांत निर्मला सिंह और मुस्कान चौरसिया

भारत ने महिलाओं की उच्च शिक्षा में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन कॉलेज से सम्मानजनक और टिकाऊ रोजगार तक की यात्रा अब भी अधूरी है। यह लेख उस टूटती कड़ी, श्रम बाजार की गुणवत्ता और आवश्यक नीतिगत सुधारों का विश्लेषण करता है।

जेंडर्ड फाइनेंस: ‘समावेशन’ से आगे ‘वित्तीय सशक्तीकरण’ की जरूरत

Gendered Finance: Beyond “Inclusion” to the Need for Financial Empowerment — Vikrant Nirmala Singh and Muskan Chaurasia

आज से ठीक एक दशक पहले यह कल्पना करना कठिन था कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाओं के पास अपना बैंक खाता होगा, वे उसका नियमित संचालन करेंगी तथा उसके माध्यम से लेन-देन भी करेंगी। लेकिन आज यह कल्पना हकीकत है। भारत ने वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में दुनिया की सबसे … Read more

चीन की ‘रेयर अर्थ मटेरियल’ ताकत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए बड़ा खतरा

वर्तमान दुनिया की तकनीकी नींव माने जाने वाले ‘रेयर अर्थ मैटेरियल’ को लेकर चीन ने हाल ही में एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने वैश्विक आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह से झकझोर दिया है। वस्तुत: चीन पर निर्भर देशों को अब सात प्रमुख रेयर अर्थ खनिजों के आयात के लिए विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। … Read more

आर्थिक सहायता या आतंकवाद का पोषण: आईएमएफ पर उठते सवाल

IMF Funding Terror

मुख्य बिंदु: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की जरूरी कार्रवाई के मध्य, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को $2.4 बिलियन डॉलर (करीब ₹20,000 करोड़ रुपये) की बेलआउट राशि स्वीकृत कर दी। यह बेलआउट पैकेज तब दिया गया है जब 22 अप्रैल को भारत के पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने 26 निर्दोष नागरिकों … Read more

भारत में क्रूज़ पर्यटन एक उभरता क्षेत्र: पर्यटन की नई परिकल्पना

“आज की आधुनिक दुनिया क्रूज़ पर्यटन (क्रूज़ टूरिज्म) की ओर तेजी से बढ़ रही है, और भारत इसके लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य बन सकता था। क्योंकि, भारत के पास समुद्र के साथ नदियों का एक ऐसा विस्तृत तंत्र है, जो घने जंगलों, ऊँचे पहाड़ों, विस्तृत मैदानों और विविध प्राकृतिक भू-दृश्यों के बीच से होकर बहता … Read more

टैरिफ युद्ध: वैश्विक आर्थिकी के लिए संकट की आहट

tariff war between USA and China

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘टैरिफ नीति’ को आगे बढ़ाते हुए अब पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) की घोषणा की है। इसके बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक बार फिर व्यापार संरक्षणवाद, वैश्विक आपूर्ति शृंखला में विघटन और संभावित आर्थिक मंदी की आशंकाएं पैदा होने लगी हैं। यह आर्थिक प्रयोग वह अमेरिका कर रहा है जिसने … Read more

नए वित्तीय वर्ष में शेयर बाजार में तेजी की कितनी गुंजाइश? क्या कहते हैं आर्थिक आंकड़े?

Share Market India

शेयर बाजार की पहेली को समझना कठिन है। पिछले छह महीनों में बाजार में उतार-चढ़ाव ने तमाम विश्लेषणों को गलत साबित कर दिया, जो हर रोज़ अखबारों, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर दिखाई देते रहे। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन छोटे निवेशकों को हुआ, जो इन्हीं सूचनाओं के आधार पर बाजार में पैसा लगाते … Read more

Discussion with Mr. Shivesh Pratap, the esteemed author of the book “Modi Dashak” published by Prabhat Prakashan

MODI DASHAK

Book Discussion on Modi Dashak by Shivesh Pratap Singh

Finance and Economics Think Council organized an enriching session featuring Mr. Shivesh Pratap, the esteemed author of “Modi Dashak.” The session commenced with an insightful introduction by Council President Mr. Vikrant Nirmala Singh, setting the stage for an in-depth exploration of India’s developmental trajectory. Skillfully moderated by Swati Kumari, the discussion delved into pivotal aspects shaping India’s economic landscape.

अटल बिहारी वाजपेयी: संघ पृष्ठभूमि के नेता मगर खुले बाजार के वकील

आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि है। उनके कई रूप रहे हैं। कोई उन्हें कवि के रूप में याद करता है, कोई ओजस्वी वक्त के रूप में। लेकिन अटल अटल बिहारी वाजपेई की एक पहचान उनके कार्यकाल की आर्थिक नीतियां रही हैं।