जेंडर्ड फाइनेंस: ‘समावेशन’ से आगे ‘वित्तीय सशक्तीकरण’ की जरूरत

Gendered Finance: Beyond “Inclusion” to the Need for Financial Empowerment — Vikrant Nirmala Singh and Muskan Chaurasia

आज से ठीक एक दशक पहले यह कल्पना करना कठिन था कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाओं के पास अपना बैंक खाता होगा, वे उसका नियमित संचालन करेंगी तथा उसके माध्यम से लेन-देन भी करेंगी। लेकिन आज यह कल्पना हकीकत है। भारत ने वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में दुनिया की सबसे … Read more