आंतरिक मामलों में दखलंदाजी के प्रति बदली भारतीय विदेश नीति!

वसुधैव कुटुंबकम (विश्व एक परिवार है) से कोई भी देश अलग-थलग होकर या पूरी तरह आत्मनिर्भर होकर नहीं रह सकता। विभिन्न देशों की विविध प्रकार की जरूरतों की पूर्ति के लिए उनमें पारस्परिक आत्मनिर्भरता जरूरी है। किसी भी देश की विदेश नीति के निर्धारण में घरेलू राजनीति, अन्य देशों की नीतियां ( आर्थिक और सामाजिक … Read more

मीडिया की भूमिका पर उठते सवाल!

मीडिया एक मज़बूत लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पिछले 70 सालों में मीडिया ने भारत के न्यायोचित निर्माण में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन पिछले कुछ सालों में डिजिटल मीडिया का जो रूप देखने को मिला है वो भयावह है। डिजिटल मीडिया जगत ने एक ऐसा सुनियोजित कृत्रिम वातावरण बना दिया है जहां … Read more

Illegal Sand Mining

Sand is an important ingredient for the construction industry, economy and politics. Well, we know the role of externalities in the economy whether positive or negative. Sand is among those externalities which without proper vigilance and care may turn into a negative externality and render a severe blow to the people as flood and water … Read more

नए कृषि सुधारों से क्यों नाराज़ है किसान?

मोदी सरकार ने राज्यसभा में 3 विधेयक ध्वनि मत से पारित करा लिए जो कि इस प्रकार हैं कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य(संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक, कृषक सशक्तिकरण एवं संरक्षण अनुबंधित विधेयक और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक ,1955। सरल भाषा में कहें तो मोदी सरकार ने कृषि उत्पाद बाजार समिति की असफलता के बाद कृषि … Read more

बांग्लादेश: ऐशिया की नई आर्थिक शक्ति

एशिया की दो महाशक्तियां भारत और चीन सीमा विवाद के बीच आमने-सामने मौजूद है। दोनों ही मुल्क दुनिया में एक मजबूत सैन्य शक्ति वाले मुल्क के रूप में जाने जाते हैं। वैश्विक स्तर पर चर्चा के केंद्र में एशिया की यही दोनों शक्तियां मौजूद रहती हैं, लेकिन एशिया में इन दोनों मुल्कों के बीच एक … Read more

चाबहार-जाहेदान रेलवे योजना के कूटनीतिक मायने

मोदी सरकार की विदेश नीति पर एक बार पुनः संदेह के घेरे में है। एक तरफ पड़ोसी मुल्कों के साथ बिगड़ते तालमेल ने नई दिल्ली को परेशान कर रखा है तो वहीं दूसरी तरफ ईरान के साथ लगातार कमजोर होते रिश्तो ने भारत की विदेश नीति को पुनः सोचने पर मजबूर किया है। वर्तमान में … Read more