कैसा है प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का रिपोर्ट कार्ड?

‌विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यस्थाओं में से एक, 8.2 % (अनुमानित) की वर्तमान विकास दर के साथ भारत वैश्विक पटल पर अपनी एक अलग जगह बना रहा है । भारत क्रयशक्ति समानता के आधार पर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी एवं मानक मूल्यों (सांकेतिक) के आधार पर छ्ठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था … Read more

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उठाने होंगे ये कदम

भारत आज भी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है. देश की लगभग 49 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है. आजादी के बाद से ही किसानों की समस्याएं बनी हुर्इ हैं. इनका हल नहीं निकाला जा सका है. सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. इसे पूरा करने के लिए … Read more

देश में ई-कॉमर्स को नई ऊंचाई पर ले जाएगा फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट सौदा

अमेरिका की रीटेल कंपनी वॉलमार्ट ने हाल में फ्लिपकार्ट में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का एलान किया है. फ्लिपकार्ट का बाजार मूल्य $20.8 बिलियन लगाया गया है. इस हिसाब से वॉलमार्ट करीब 77% हिस्सेदारी के लिए $16 बिलियन चुकाएगी. हाल में ही वॉलमार्ट के सीईओ कार्ल डगलस मैकमिलन और फ्लिपकार्ट के सीईओ और सह–संस्थापक बिन्नी बंसल … Read more

कैसा है केंद्र सरकार की मुद्रा योजना का रिपोर्ट कार्ड?

देश की आजादी के 70 वर्षों बाद भी जनसंख्या का बड़ा हिस्सा अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से बाहर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपेक्षित वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत लोगों को खुद का रोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख … Read more

क्या संकेत देते हैं जीएसटी संग्रह के आंकड़े?

केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2017 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया था. यह अप्रत्यक्ष करों की एकीकृत व्यवस्था है. इसने भारतीय अर्थव्यवस्था में 17 से अधिक अलग–अलग तरह के अप्रत्यक्ष करों को समाप्त किया है. ये सभी जीएसटी में शामिल हो गए हैं. सरकार ने इसे ऐतिहासिक करार दिया था. एक … Read more

बैंकों में एनपीए की बढ़ती बीमारी की क्या है दवा?

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बैंक रीढ़ की हड्डी की तरह हैं. ऐसे में बैंकों की बढ़ रही गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) बड़ा संकट पैदा कर सकती है. क्या है एनपीए? क्या वजह है इसके बढ़ने की? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं. बैंकों के लोन को तब एनपीए में शामिल कर लिया जाता है, जब … Read more

क्या 1991 की आर्थिक नीति ने रखी है मौजूदा आर्थिक विकास की बुनियाद?

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हाल ही में ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ के रजत जयंती समारोह में 1991 के आर्थिक सुधारों को याद किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि 1991 के आर्थिक सुधारों ने भारत को ग्लोबल लीडर के रूप में बदल दिया था. क्या यह सच है? या फिर मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र … Read more

क्यों बैंकिंग सिस्टम का मर्ज नहीं हो रहा है दूर?

पिछले 4 वर्षों में एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) चौगुनी रफ्तार से बढ़े हैं. लोकसभा में हाल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रकाश शुक्ला ने यह जानकारी दी. सरकारी बैंकों का एनपीए मार्च 2018 तक बढ़कर 8,45,475 करोड़ रुपये हो गया है. 2014 में यह 2,16,739 करोड़ रुपये था. वित्त राज्य मंत्री का कहना है … Read more

रिजर्व बैंक ने दो महीने में दूसरी बार क्यों बढ़ार्इ ब्याज दरें?

भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल दूसरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है. इसे चौथार्इ फीसदी बढ़ाया गया है. आरबीआर्इ के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने तीन दिवसीय बैठक के बाद बुधवार को मौद्रिक नीति का एलान किया. इसके पहले जून में भी केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट … Read more